तरंगों का अध्यारोपण सिद्धांत :- तरंगों के अध्यारोपण का सिद्धांत के अनुसार "जब दो या दो से अधिक तरंगे माध्यम के किसी कण को एक साथ प्रदर्शित करती है तो का पर प्रतेक तरंग अपना आलग अलग विस्थापन करती है। इसके फस्वरूप उस कण का परिणामी विस्थापन उं तरंगों के अलग विस्थापन का सदिश योग होता है। माना N तरंगे किसी बिंदु पर एक साथ पहुंचती है तथा ये तरंगे उस विंदू पर एक साथ विस्थापन Y1,Y2,Y3..........Yn उत्पन्न करती है तो उस कण पर परिणामी विस्थापन - Y=Y1+Y2+Y3+..........+Yn प्रकाश का व्यतिकरण:- जब लगभग सामान आयाम सामान आवृति की दो प्रकाश तरंगे जो मूलतः एक ही प्रकाश स्त्रोत से आ रही है,किसी माध्यम में एक साथ एक ही दिशा में चलती है तो माध्यम के भिन्न भिन्न विंदुओ पर प्रकाश की तीव्रता भिन्न भिन्न होगी। इस श्रंखला को प्रकाश का व्यतिकरण कहते है व्यतिकरण के फस्वरूप कुछ बिंदुओं पर प्रकाश की तीव्रता अधिकतम और कुछ बिंदुओं पर...